हार्ट अटैक (Heart Attack) : प्रमुख लक्षण, कारण एंव निवारण

Written by Oye Zindagi Team

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हार्ट अटैक (Heart Attack) जिसे हम सभी आम बोल-चाल की भाषा में दिल का दौरा भी कहते हैं। आज के समय में Heart Attack एक बहुत बड़ी समस्या हैं। पहले हार्ट अटैक की यह समस्या केवल 40 वर्ष से अधिक आयु के लोगों में ही पायी जाती थी, लेकिन आज की बिगड़ी हुई जीवनशैली के कारण अब यह समस्‍या 20 से 25 वर्ष के युवाओं में भी देखी जा रही है।

Heart Attack से पीड़ित व्‍यक्ति का समय पर उपचार नहीं किया जाए तो रोगी की मौत भी हो सकती है। दिल के डॉक्टर्स का मानना है कि Heart Attack के रोगी को जितने जल्दी मदद मिलती है उसकी जान को उतना ही कम खतरा होता है और उसके ह्रदय को उतनी ही कम क्षति पहुचती हैं।

हार्ट अटैक क्या है?

दिल हमारे पूरे शरीर का एक महत्त्वपूर्ण अंग है यह Chest के मध्य में, थोड़ी सी बाईं ओर स्थित होता है। हमारा शरीर पूर्ण रूप से स्वस्थ रहे इसके लिए जरूरी है कि हमारा दिल भी स्‍वस्‍थ हो या इस प्रकार से कहे की दिल के स्वस्थ रहने के लिए हमारे शरीर का स्वस्थ होना जरुरी है। यह दोनों ही बाते पूर्ण रूप से एक दूसरे की पूरक है।

हम अगर अपने दिल की बात करे तो हमारा दिल एक दिन में लगभग 1,00,000 और एक मिनट में 60-90 बार धड़कता है। हमारे ह्रदय के अंदर मांसपेशिया होती है जिन्हे कार्य करने के लिए संतुलित आहार और Oxygen की जरुरत होती है। 

Heart Doctors के अनुसार जब ह्रदय की मांसपेशियों को रक्त के साथ Oxygen पहुँचाने वाली कोई रक्त वाहिका किसी कारण से Blocked हो जाती है और ह्रदय के किसी हिस्से में रक्त का प्रवाह बंद हो जाता है तब दिल का दौरा पड़ता हैं।

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अनेक बार यह Heart Attack छोटा होता हैं लेकिन जरूरी नहीं है कि हार्ट अटैक हर बार छोटा ही हो ऐसा जरूरी नहीं है क्योंकि ये कई बार जानलेवा भी हो सकता है। Heart Attack होने पर जल्‍दी से मदद मिल सके इसके लिए हमें Heart Attack के सभी लक्षणों की जानकारी का होना बहुत ही जरूरी है। हार्ट अटैक एक Emergency Situation है।

हार्ट अटैक होने पर पहले 15 मिनट में ही उपचार कर लिया जाये तो दिल के मरीज की जान आसानी से बचाई जा सकती है। लेकिन अगर Heart Patient के उपचार में 12 घंटे लग गये तो Angioplasty भी किसी काम की नहीं रह जाती है। तो आईए जानते है हार्ट अटैक के लक्षण (Heart Attack Symptoms in Hindi) के बारे में…

हार्ट अटैक के प्रमुख लक्षण / Heart Attack Symptoms in Hindi

हार्ट अटैक एक गंभीर बीमारी है जिसे आप निम्न लक्षणों की मदद से पहचान कर सकते है : 

सीने में दर्द : सीने में दर्द होना हार्ट अटैक का प्रनुख लक्षण है। सीने में भारीपन लगना Heart Attack का संकेत भी हो सकता है। अगर ऐसा लगे तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए।

चिंता : लगातार होनी वाली चिंता और घबराहट को जीवन में होने वाले विशिष्ट तनाव से नहीं जोड़ा जा सकता है। रात को सोने में कठिनाई होना या रात में चिंता या संकट की भावना के कारण अचानक से उठ जाना भी हृदयाघात के पहले से दिखने वाले लक्षण हैं।

फ्लू जैसे लक्षण : चिपच‍िपी और पसीने से तर त्वचा, थका हुआ और कमजोर महसूस होने को अक्‍सर लोग फ्लू के लक्षण माना जाता है लेकिन वास्तव में यह हार्ट अटैक के लक्षण हो सकते हैं। इसके अलावा सीने में भारीपन या दबाव की भावना को भी लोग चेस्‍ट कोल्‍ड और फ्लू होने के नाम से भ्रमित होते हैं लेकिन यह हार्ट अटैक के लक्षण हो सकते हैं। ऐसा कोई भी लक्षण दिखाई देेने पर तुरंत डाक्‍टर से संपर्क करें।

पल्स और हार्ट रेट : कभी-कभी हार्ट अटैक से पहले दिखने वाले अधिक समान्‍य लक्षण जैसे तेजी से और अनियमित रूप से पल्‍स और हार्ट रेट का चलना हृदय की धड़कन में असामान्य तेजी के रूप में जाना जाता है। यदि यह समस्‍या अचानक से आ जाती हैं तो इस अवधि के दौरान आपका दिल बहुत तेजी से और मुश्किल से धड़कता हैं और यह हार्ट अटैक का लक्षण हो सकता है।

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बेवजह पसीना आना : Heart Attack की स्तिथि में व्यक्ति को बहुत अधिक पसीना आने लगता है। इसका मुख्‍य कारण है हमारे शरीर का Nervous System के ज़्यादा Active हो जाना है। इसी कारण से पसीना आता है। Medical Science में इस स्थिति को Diphtheria के रूप में जाना जाता है। 

Heart patient को जब तेज़ दर्द का अनुभव होता है, तो शरीर के कुछ हार्मोन्स निकलते हैं जिससे Blood Pressure और हृदय की गति तेज चलने लगती है इसी कारण से पसीना आता है।

पेट में दर्द के साथ जलन : पेट के ऊपरी हिस्से में दर्द और जलन होना भी Heart Attack का एक लक्षण है। लेकिन कई बार व्यक्ति Acidity और दिल में चुभन के साथ Confuse हो जाता है। कई बार देखा गया है कि Heart Attack में मतली भी आती है।

मतली और उल्टी : Heart Attack से पहले हल्के अपच और अन्‍य Gstrointestinal समस्याएं देखने को मिलती हैं लेकिन अक्‍सर इसको नजर अंदाज कर दिया जाता है क्‍योंकि Heart Attack की समस्‍या आमतौर पर बड़े लोगों में पाई जाती है और उनमें आमतौर पर अधिक अपच की समस्‍या होती है। सामान्‍य रूप से पेट में दर्द, अपच, हार्ट बर्न या उल्‍टी की समस्‍या होना हार्ट अटैक का संकेत हो सकता है।

आँखों के सामने अँधेरा जाना : Diabetes रोगियों को Heart Attack के समय तेज़ दर्द की की जगही तेज पसीना आना, दिमाग में हल्कापन लगना और या फिर कुछ झणों के लिए लिए अंधेरा छा जाना आदि सामान्य लक्षण हैं।

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सामान्य कमजोरी : महिलाओं में Heart Attack का एक भी लक्षण नहीं दिखाई देता लेकिन इन्हे बस सामान्य कमजोरी होती है। जिस ध्यान नही दिया जाता लेकिन यह उपचार न होने की स्थिति में मुसीबत हो जाती है।

इसके अलावा समान्‍या तौर पर कुछ लक्षण और भी है जिसकों कभी भी हल्‍के में नहीं लेना चाहिए क्‍योंकि हो सकता है यह लक्षण Heart Attack के भी हो सकते है। 

जैसे- पैरों में सूजन, बहुत ज़्यादा पसीना आना, कभी भी चक्कर आ आना, त्वचा पर चकत्ते पड़ना, लगातार सूखी खांसी रहना, दिल की धड़कन तेज होना, घुटन या अत्यधिक दबाव महसूस होना, ठंडा पसीना, उबकाई या सर घूमना, थकान, पीलापन, चिंता, दर्द, सुन्नता, कमजोरी, जबडे में भी दर्द और भारीपन, पैर या हाथों का ठंडा पडना आदि।

Heart Attack आने पर क्या करे?

हार्ट अटैक होने पर सबसे पहले बिना किसी देरी के मेडिकल हेल्प के लिए निम्‍न में से किसी पर भी कॉल किया जा सकता है। 

102 – एम्बुलेंस हेल्पलाइन नंबर (Ambulance Helpline Number) यह एम्बुलेंस का नंबर है। भारत में कही भी इस नंबर पर कॉल करके तुरंत मरीज़ के लिए एम्बुलेंस बुला सकते है। 

108 – मेडिकल हेल्पलाइन नंबर (Medical Helpline Number) यह मेडिकल हेल्पलाइन नंबर है। इस नंबर पर कॉल करके आप मेडिकल या स्वास्थ्य संबंधित मामलों में हेल्प ले सकते है। बिना किसी जानकारी के स्‍वयं Heart Attack से निपटने की कोशिश ना करे। यह जानलेवा हो सकता है।

Heart Attack होने पर व्यक्ति को पीठ के बल सीधा लीटा देना चाहिए और उसके पहने कपडों को ढीला कर देना चाहिए जिससे हवा आने की जगह छोड़े और उसे लम्बी सांस लेने के लिए कहें। अगर Heart Patient को सांस लेने में तकलीफ हो रही हो तो, रोगी को Oxygen देने की कोशिश करें।

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ऐसे दोषों का जन्म से पहले, जन्म के फौरन बाद या बचपन में भी पता लगाया जा सकता है। दिल की धड़कन बिगड़ना आपके स्‍वास्‍थ लिए खतरनाक भी हो सकता है। इसलिए इसे नजरअंदाज न करें। हृदय रोगो से बचने का सबसे आसान उपाय है, उन लक्षणों को जानना जो आपके लिए घातक हो सकते हैं।  Heart Attack केे बचाव के लिए  Weight Loss का ध्‍यान भी रखना चााहिए।

हार्ट अटैक का निवारण कैसे करे?

हार्ट अटैक को रोकने के लिए आपको अहम कदम उठाने की आवश्यकता है, फिर चाहे आपको पहले भी हार्ट अटैक का चुका हो, या फिर ह्रदय की समस्या रहती हो। हार्ट अटैक का निवारण करने के लिए आपको नीचे दिए तरीको को ध्यान में रखना चाहिए :

एक स्वस्थ जीवन शैली अपनाएं : धूम्रपान कभी न करें और ऐसे आहार अत्यधिक खाएं जो हृदय को स्वस्थ रखने में मदद करते है। इसके सतह ही नियमित व्यायाम करें और तनाव को कम करने के मैडिटेशन जैसी तकनीकों का उपयोग कर सकते है। 

अन्य स्वास्थ्य समस्याओं को मैनेज करें : कुछ ऐसी स्वास्थ्य समस्याएँ हैं, जैसे कि हाई ब्लड प्रेशर और मधुमेह, जो हार्ट अटैक के जोखिम को बढ़ाती हैं। इसलिए अपने स्वास्थ्य देखभाल प्रदाता से पूछें कि आपको महीने में कब और कितनी बार जांच करवानी चाहिए।

डॉक्टर के अनुसार दवाएं लें : जैसा कि आप जानते ही है कि ये एक गंभीर समस्या है जिसमें इलाज की सख्त जरुरत होती है इसलिए आपको जैसे ही हार्ट अटैक के लक्षण दिखाई दे आपको दिल के डॉक्टर से मिलना चाहिए और उसके द्वारा सुझाई गयी दवाईयों का नियमित रूप से ज़बान करना चाहिए। 

यदि किसी को अचानक हार्ट अटैक आ जाए, तो क्या करें?

यदि कोई व्यक्ति बेहोश हो गया है और आपको लगता है कि उसे हार्ट अटैक आ गया है, तो पहले आपको एम्बुलेंस या अपने स्थानीय आपातकालीन नंबर पर कॉल करना चाहिए। फिर आपको देखना होगा कि व्यक्ति सांस ले रहा है या नहीं और साथ ही आपको ये भी देखना है कि उसकी नस काम कर रही है। यदि वह व्यक्ति सांस नहीं ले रहा है या आपको नस नहीं मिलती है, तब आप इस situation में सीपीआर शुरू कर सकते हैं।

यदि आपको सीपीआर करना नहीं आता हैं, तो केवल हैंड्स-ओनली सीपीआर करें। इसका मतलब है कि आपको व्यक्ति की छाती पर मजबूती लगभग 100 से 120 दबाना होगा। 

इसके विपरीत यदि आप सीपीआर जानते हैं और अपनी क्षमता में आत्मविश्वास रखते हैं, तो दो रेस्क्यू ब्रीथ देने से पहले उस व्यक्ति की छाती को 30 बार दबाएं।

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